संदेश

कोलेस्ट्रॉल

 कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना।   -           दो कली लहसुन सुबह खाली पेट रोज ले या सुबह शहद के शरबत में नींबू निचोड़कर प्रयोग करें। शाम को दो चम्मच त्रिफला गर्म पानी से ले। गेहूं का दलिया,भुने चने,राजमा, दाल,मेथी,अर्जुन की छाल ,नीम के पत्ते,तिलतेल, सूरजमुखी का तेल,प्याज,आंवला,हरड़,बादाम अखरोट,बिना चीनी की चाय तथा छाछ का प्रयोग करें। पुराना गुड प्रयोग कर सकते हैं।    मोटापा मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखें। अगर मोटापा है तो मेदोहर गुगल का प्रयोग करें।      Tab Atorvastatin अगर कोलेस्ट्रॉल ज्यादा बढ़ा हुआ है तो प्रयोग करें।   होम्योपैथिक दवाई क्राटेगस Q और लाइकोपोडियम 30 का प्रयोग लाभप्रद है।    नोट -इरिथ्रोमाइसिन टैबलेट रक्त को गाढ़ा कर हार्ट फ़ैल को 5 गुना बढ़ा देती है अतः दिल के रोगी को ने दे।

Piles (बवासीर)

बवासीर (piles)    एलोपैथिक में इसका ऑपरेशन से अलग कोई इलाज नहीं है। इसका 70% इलाज कब्ज को न होने देना है। सुबह रोज खाली पेट एक चम्मच इसबगोल गर्म पानी से ले। रात में एक चम्मच त्रिफला गर्म पानी से ले।8 - 10 गिलास पानी रोज पिए। यह भी बताया गया कि एक कप ठंडे दूध में एक नींबू निचोड़कर तुरंत खाली पेट पीने से 3 दिन में ही बवासीर ठीक हो जाती है।    अर्श कल्प बटी - मस्से को सुखा कर ठीक करने की प्रसिद्ध औषधि। अर्श घन बटी - वादी - खूनी सभी प्रकार की बवासीर में असरदार।    कुटज घन बटी -खूनी व भल्लातक बटी - शुष्क अर्श (बादी)बवासीर में उपयोगी है।    हिमालय कंपनी की pilex tab भी उपयोगी है।       Pilex ointment अंदर बाहर लगाने के लिए। उपरोक्त चिकित्सा से 15- 20 दिन में आराम हो जाता है। होम्योपैथिक -              एस्कुलस हिप्पो मदर टिंचर या ३०- २०० - बादी बवासीर गुदा में भारीपन,मल त्याग के बाद दर्द। गुदा की फूली हुई नसों तथा पेट के निचले हिस्से पर प्रभाव। हमोमेलिस वर्जिन ३०-२००- खूनी बवासीर में बहुत असरदार गुदा में ...

दमा (Asthma) का संपूर्ण उपचार

🫁 दमा (Asthma) का संपूर्ण उपचार 1. आधुनिक (Allopathic) उपचार 🔹 कंट्रोलर इनहेलर (Controller Inhaler) दमे का सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक उपचार इनहेलर है। फोरकोर्ट इनहेलर (Formoterol + Budesonide) डोज: 200–400 उपयोग: सुबह और शाम (दिन में 2 बार) असर: लगभग 12 घंटे तक लाभ: दमे को जड़ से कंट्रोल में रखता है लंबे समय तक सुरक्षित (लाइफटाइम भी लिया जा सकता है) 👉 यह एक Controller Inhaler है, जो दमे को स्थायी रूप से नियंत्रित रखता है। 🔹 रिलीवर इनहेलर (Reliever Inhaler) Ipratropium Salbutamol 👉 उपयोग: अचानक दमे का दौरा (Asthma attack) असर: 3–4 घंटे ⚠️ ये केवल तुरंत राहत देते हैं, कंट्रोल नहीं करते। 🔹 इमरजेंसी दवाइयाँ Theophylline + Betnesol (Tablet) Deriphyllin + Betnesol (Injection) 👉 उपयोग: गंभीर दमे के दौरे में तुरंत राहत के लिए 2. होम्योपैथिक उपचार 🔹 मुख्य औषधियाँ Aspidosperma Q फेफड़ों का टॉनिक सभी प्रकार के दमे (Bronchial, Allergic, Cardiac, Renal) में उपयोगी डोज: 20-20 बूंद, 6–12 महीने Antimonium Tartaricum बलगम को पतला कर बा...

टॉप १० दर्द निवारक

टॉप१०दर्द निवारक औषधि  टॉप 10 एनाल्जेसिक। -  (१)डाइक्लोफिनेक। - ५०ही१०० एम जी ।एसक्लोफेनक इसका और शुद्ध रूप है।मांसपेशियों और जोड़ों में सुजान और दर्द तथा बुखार को दूर करता है।यह निमसूलाइड और ब्रूफेन से अच्छी औषधि मानी गई है।डी पी जेसिक के नाम से कॉम्बिनेशन आता है। पशु में इसके प्रयोग से गिद्धों पर बुरा असर डालती है। (२) पेरासिटामोल  -  एक सुरक्षित दर्द और बुखार निवारक औषधि है।यह एसेटामिनाफेन ही है। (३) इबूप्रोफेन  - यह बुखार और पेशीय और जोड़ों के दर्द तथा दांत दर्द आदि में फायदा करती है डाइक्लोफिनेक ,निम्सुलाइड, ibuprofen,एस्प्रिन  आदि दवाई, डेंगू और कोरोना में प्रतिबंध की,क्योंकि यह प्लेटलेट्स कम करते हैं ।पेरासिटामोल ही निर  अपवाद दवाई है, जो ऐसी स्थिति में लेना सुरक्षित है। (४) डिस्प्रिन  - यह एस्प्रिन ही है,जो रक्त को पतला करती है तथा हृदय आघात को रोकते हैं ।आधा सीसी सर दर्द, दांत दर्द,नसों में दर्द,मासिक धर्म का दर्द आदि में फायदा करती है। (५)  piroxicam 20 -  इसकी suganril tab आती है जो मासपेशीयो और जोड़ों की जकड़न,दर्द, सूजन, मास...

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 In the education curriculum, before Intermediate, to preserve our culture, medical first aid and in short Veda study should be made mandatory.

टॉप १० एंटीबायोटिक्स

 टॉप 10 एंटीबायोटिक।  -   नंबर 1  एमोक्सीसिलिन  (पेनिसिलिन ग्रुप - अमोक्सेसिलिन ६२५ एम जी )दांत,निमोनिया, दिमागी सूजन, टाइफाइड बुखार, गला, कान, चर्म संक्रमण तथा रूमेटिक फीवर आदि में प्रयोग अर्थ। नंबर दो  -  एजीथ्रोमाइसीन (इरिथ्रोमाइसिन)निमोनिया,टाइफाइड, चर्म रोग ,मुहासे, मसूड़े के एब्सेस आदि संक्रमण। नंबर 3   - सिफिक्सिम 200 एमजी - टाइफाइड निमोनिया, मेनिनजाइटिस, मूत्र संस्थान रोग।यह  ब्रॉड स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक है ।नंबर ४ -  एमिकासिन (जेंटामाइसिन, मिकासिनआदि )तीव्र संक्रमण ग्राम नेगेटिव ,पेट, मूत्र संस्थान, सेप्टिक आदि में प्रयोग अर्थ। नंबर पांच  -  डॉक्सीसाइक्लिन (टेरामिसिनआदि) तीव्र मुहासे, खांसी जुकाम,कुछ जननांग संक्रमण, हैजा, प्लेग, में भी प्रयोग अर्थ ।लंबे समय तक काम करता है। दिन में एक खुराक भी काफी है। नंबर 6  -  सिप्रोफ्लाक्सासिन (लेवोफ्लोक्सासी ,मॉक्सिफ्लॉक्स)टायफाइड, आंत संक्रमण ,सुजाक और जॉइंट्स सेप्टिक , लंबे समय देने पर साइड इफेक्ट बनते हैं। नंबर 7  - ओफ्लाक्सासिन २००एम जी  -  टा...

वायरल संक्रमण -टॉप तीन दवाई

 वायरस की टॉप तीन दवाई   -  वायरस संक्रमण  -   वायरस संक्रमण की कोई एंटीवायरस दवाई, वायरस से छुटकारा नहीं दिला सकती, यह वाइरस को निष्क्रिय बना सकती है। केवल लाक्षणिक चिकित्सा ही की जाती है।कुछ आयुर्वेदिक दवाइयां का भी सहारा लेना चाहिए। संक्रमित शरीर स्वयं,रक्त की लिंफोसाइट और श्वेतकणिकाओं द्वारा, इंटरफेरॉन हार्मोन उत्पन्न कर, वायरस को मारता है।                           वायरस की टॉप तीन दवाई -   ( १) Aciclovit tab & ointments  - अथवा पेंसिक्लोविर का प्रयोग हर्पीज जोस्टर ,हर्पीज सिंपलेक्सऔर चिकनपाक्स वायरस में किया जाता है।                                (२) peramivin tab. इंफ्लूंजा,फ्लू आदि में दे।tamu flu भी यही कार्य करती है।      (३) Adenovirus - Hepatitis B में पर्योगार्थ।यह रोग अगर छ महा में हट गया तो ठीक अन्यथा जीवन भर रहता है।          ...